100+ Short Stories in Hindi with Moral For Kids | नैतिक कहानियां बच्चों के लिए

Short Stories in Hindi: जहां भी बच्चों का जिक्र होता है वहां से कहानी का जिक्र भी शुरू होता है। क्योंकि बच्चों को आजकल की नई नहीं और लेटेस्ट कहानियां Story सुनना अच्छा लगता है। दिल तो पहले के जमाने में तो दादी नानी रहती थी जो की कहानी बच्चों के लिए सुनाया करती थी। लेकिन अब उस तरह का जमाना नहीं रहा है अब सभी लोग अपने अपने कामों में ज्यादा बिजी रहने लगे हैं। 

इसीलिए आज इस लेख में पूरी की पूरी 100+ कहानियां बच्चों के लिए दिया गया है। Short Stories in Hindi with Moral For Kids में अच्छी अच्छी और नई नई बच्चों के लिए कहानियां दिया गया है। जिसे पढ़कर सुनाने पर आपके बच्चों को अच्छी अच्छी सी शायरी और कहानियां से ही हमारे बच्चों के भविष्य में बहुत सारे कहानी सुनने को मिलते हैं।

जैसा कि आप सभी को यह भी पता होगा कि कहानियां और किस्से सुनने से बच्चों के अंदर जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है। साथियों को यह भी पता होगा कि कहानी और किस्सों में बहुत सारे सीख और शिक्षा छुपी हुई रहती है। जिसे सुनकर हमारे बच्चों को उसी तरह की प्रेरणा मिलती है और वह कहानियों से प्रेरित होकर अच्छे जीवन जीने की कला को सीखते हैं।

Short Stories in Hindi with Moral For Kids इस लिस्ट में हमने एक सौ से भी ज्यादा कहानी को अपने इस लेख में शामिल किया है। जिससे आप सभी को तरह-तरह कहानियां सुनाने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो। आप इस प्रकार की कहानी इंटरनेट पर बहुत सारा बच्चों की कहानियां को पढ़ सकते हैं अपने बच्चों को सुना सकते हैं।

यह छोटी-छोटी कहानियां को बच्चों के लिए भविष्य के विकास की तरह काम करेगा और नैतिक कहानियों में बहुत सारी शिक्षा छुपा हुआ है जिसकी जानकारी आपको नीचे दी जाएगी। हम सभी कहानियों को निम्नलिखित तरीकों से दर्शाए गए और नीचे उस कहानी से  मिलने वाली शिक्षा के बारे में भी चर्चा करेंगे। 

विषय सूची

Short Stories in Hindi with Moral For Kids (October 2022)

जैसा की आप सभी को पता होगा कि आजकल बच्चे ज्यादातर समय मोबाइल और कंप्यूटर पर बताने लगे हैं।साथ ही आपको यह भी पता होगा कि आजकल के बच्चे किताबों से दूर होते जा रहे हैं और डिटेल डिवाइस पर कहानियां पढ़ने का शौक बनता जा रहा है। यही कारण है कि आज हम इस वेबसाइट पर नई नई कहानियों का चर्चा करेंगे जिससे आपके बच्चे कंप्यूटर पर पढ़ सकते हैं साथ ही मोबाइल पर भी पढ़ सकते हैं।

Short Stories of Hindi with Moral For Kids
Short Stories in Hindi with Moral For Kids

इस लिस्ट में हुई सभी प्रकार की कहानियों को शामिल किया है जैसे कि जानवरों की कहानी, कौवा और गधा की कहानी, पक्षियों की कहानी, भूतों की कहानी, और जंगल के जानवरों के कहानी के बारे में दर्शाया गया है। इस प्रकार की कहानी सुनने के बाद आपके बच्चों के मन के अंदर एक प्रकार की तरह की प्रेरणा आती है।

किसी की जीवन जीने में किसी भी प्रकार की कठिनाई को आने पर वह खुद ही अपने आप उसे सॉल्व कर सकते हैं। और बिना किसी की मदद मिली है अपने जीवन जीने की कला को अपने हैं अनुसार होने की कोशिश करेगा। बच्चों को मोटिवेशन कहानियां बहुत ज्यादा अच्छी लगती है जो कि आजकल के युवाओं को मोटिवेट करते हैं।

कहानी किसी भी प्रकार का हो सभी में कुछ न कुछ सीख होती है बिना सीखते की कहानियां नहीं बनाया गया है यही कारण है कि पहले जमाने के बच्चे लोग बहुत ज्यादा किस्से कहानियां सुना करते थे। लेकिन बच्चों के पास कोई डिजिटल डिवाइस नहीं था कि वह मोबाइल पर कहानी सुन सके और कंप्यूटर पर कहानी सुन सके।

यही कारण था कि उस वक्त कहानियों का प्रचलन उतना ज्यादा नहीं हुआ था वही पुरानी कहानियों को बार-बार सुनाया जाता था और उसे दोहराया जाता था लेकिन अब इंटरनेट पर नई नई कहानियों का दौरा गया है और यहां आपको Short Stories in Hindi Class 1 से Short Stories in Hindi Class 6 अब तक की कहानियां इस लिस्ट में शामिल किया गया है। 

वैसे तो इंटरनेट पर और भी बहुत सारी कहानियों पर चली थी लेकिन राजा रानी की कहानी के बारे में कुछ और ही अलग होता है। क्योंकि राजा रानी की कहानी के बारे में बच्चों को काफी सारा समझ में आती है और इसी प्रकार से राजा रानी की कहानियों को आज तक लोग अपने प्रयोग में लाया करते हैं।

Short Stories in Hindi की इस सीरीज में हमने नहीं और भी ज्यादा कहानियां जैसे कि जो 2022 में नई नई कहानियों को प्राप्त हो रहा है वैसे ही हम इसलिए आप तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। चलिए अब आगे हम जानते हैं कि नई नई कहानियों के बारे में विस्तार से मिलने के तरीकों से सभी कहानियां दिया गया है जिसे पढ़कर आप अपने बच्चों को पराजित कर सकते हैं या आप बड़े बच्चे हैं आप खुद प्रेरित हो सकते हैं। 

इस कहानी को Short Insipirational in Hindi एवं Short Motivational Stories in Hindi को खासकर बच्चों के लिए लिखा गया है। क्योंकि बच्चों को उनकी बुद्धि में विकास आने के लिए इन कहानियों को सुनाया जाए। ऐसी कहानियां सुनने से बच्चों के दिमाग में एक गहरा असर पड़ता है और वह अपनी जीवन जीने की इस यात्रा को और सुंदर बनाते हैं। 

1. मेहनत का फल: Short Hindi Stories Moral For Kids

Short Stories of Hindi with Moral For Kids

बहुत पुराने जमाने की बात है एक साथ दो जिगरी दोस्त रहते थे वह दोनों बहुत ही बेरोजगार थे। एक दिन उन्होंने सोचा कि क्यों ना हम अपने बेरोजगारी के बारे में अपने सबसे बड़े पोषित बाबा को दिखाएं ताकि वह हमें कुछ मदद कर सके।

दोनों लोग सोच कर बाबा के पास जाते हैं और वही अपने परेशानी के बारे में बताते हैं उस भले आदमी है दोनों बेरोजगारों को ₹1000 देते हैं ताकि वह अपने मैं बिजनेस को स्टार्ट करके कुछ पैसे कमा लें।

फिर बाबा कहते हैं कि यह लीजिए कुछ पैसे और जाओ तुम अपने काम में लगा हो फिर कमा कर मुझे एक साल बाद ₹1000 वापस कर देना। दोनों दोस्त हैं एक साथ ₹1000 लेकर साथ चले जाते हैं और फिर अपने काम में लग जाते हैं।

1 साल बाद जब पैसे को वापस करने की बारी आती है तो फिर दोनों दोस्त एक साथ हो भले आदमी के पास जाते हैं और उन्हें कहते हैं।उनका पहला दोस्त बाबा से कहते हैं कि बाबा मैंने तो आपके दिए गए पैसों से ₹1 नहीं कमाया है। फिर उसी बात पर बाबा ने पूछा कि फिर तुमने ₹1000 का क्या किया।

पहला दोस्त होता है कि बाबा मैं ₹1000 लेकर मार्केट में जा रहा था तभी वहां कुछ लोग मुझसे पैसों के बारे में पूछ रहे थे और बोले थे कि इस चीज में पैसा लगाओगे तो डबल हो जाएगा और मैंने उसमें पैसा लगा दिया फिर मुझे ₹1 भी रिटर्न नहीं मिला।

भले आदमी ने दूसरे दोस्त से पूछा कि बेटा तुम कितना लेकर आए हो दूसरा दोस्त ने बाबा को 1000 देते हुए कहा यह लीजिए बाबा आपका एक हजार और एक्स्ट्रा में आप 1000 हम से ले लीजिए। बाबा ने कहा कि ऐसा क्यों बेटा तो दूसरा दोस्त ने कहा कि बाबा मैंने तो आपके पैसे से काफी तरक्की की है बाबा पूछे वह कैसे।

दूसरे दोस्त ने जवाब दिया कि मैं जब यहां से पैसे लेकर जा रहा था तो उस रास्ते में एक किसान मिला किसान अपने फोन को बेचने के लिए मुझसे कहने लगा औ फसल लेने के लिए मिन्नतें करने लगा।फिर मैंने वही बेखबर को 7:00 का फसल खरीद लिया और उसे मार्केट में बेच दिया।

इसी पर कहां से रोजाना मैं उसकी शान से फसल खरीद था और उसे मार्केट में देश आता है धीरे-धीरे मेरा रोजगार चलने लगा और काफी तरक्की कर ली मैंने तो बाजार में एक दुकान भी कर ली है और अब मुझे अच्छे खासे मुनाफे होने लगे हैं।

दूसरा दोस्त ने बाबा से कहा कि ही लीजिए खबर अतिरिक्त और आप किसी मददगार आदमी को दे दीजिए। इन सभी चीजों को पहला दोस्त देखते ही रह गया और वह अपने आप पर पछतावा करता रहा।

सीख?

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें किसी भी चीज में लालच नहीं करनी चाहिए और हमेशा अच्छे काम में पैसा लगाना चाहिए। साथ ही हमें आलतू फालतू के काम नहीं करने चाहिए जो कि खराब काम होते हैं। 

2. चींटी और कबूतर: Short Stories in Hindi Moral for Child

Short Stories of Hindi with Moral For Kids

एक बार की बात है एक फोटो नदी में गिर गई थी और ऊपर वाले कबूतर बैठी थी कबूतर मन ही मन इस बात को देख रही थी। फि रोज कबूतर ने एक पत्ता कलाकार कौन से नदी में फेंक दिया जिससे की छुट्टी बाहर निकल सके।

चींटी तुरंत ही उस पते पर चढ़कर अपनी जान बचाने लगे और वह धीरे-धीरे बाहर आ गया।  चींटी बाहर आते हैं उस कबूतर को धन्यवाद किया। और फिर अपने काम में लग गए चींटी बहुत थक गई थी वहां आराम करने लगा।

एक बार की बात है एक बहेलिया जंगल में आया और जाल बिछाकर पक्षियों को फसाने की कोशिश करने लगा। बहेलिया जंगल में जान बिछाकर और और पक्षी का इंतजार करने लगे। उधर से चींटी आ रही थी सिटी में सब कुछ देख लिया और उसे मालूम हो गया कि जब पक्षी को फसाने की कोशिश में है।

उन्होंने देखा कि जो कबूतर एक दिन उसकी जान बचाई थी वही कबूतर धीरे-धीरे दाने को चुनने के लिए नीचे उतर रहे हैं। तभीपास में खड़ी चींटी ने उस बहेलिया के पैर में कांटा बहेलिया दर्द से छटपटा उठा। जब बहेलिया की आवाज निकली तभी कबूतर ने वह सब देख लिया था।

कबूतर को बहेलिया को देखते ही सब कुछ मालूम हो गया था और उन्होंने मन ही मन चींटी को धन्यवाद किया और फिर आगे चलता बना। फिर चींटी भी है मन ही मन मुस्कुराई और आगे चली गई। 

सीख

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हम किसी को भी छोटा बड़ा नहीं समझे हमेशा सभी को मदद करनी चाहिए। और मदद करने का फल हमेशा अच्छा ही मिलता है। 

3. छात्र और शिक्षक की कहानी: Short Stories in Hindi with Moral With Picture

Short Stories of Hindi with Moral For Kids

एक बार की बात है एक साथ चार दोस्त बड़ी मुश्किल में रहते थे। यह कभी नहीं सही से पढ़ाई पर ध्यान नहीं देते थे और हमेशा पार्टी और मजे करते रहते थे। लेकिन जब परीक्षा देने की बारी आई। फिर भी चारों दोस्त पार्टी करने चले गए थे साथ ही उन्होंने एग्जाम के एक दिन पहले तक पार्टी किया।

उन्होंने एक प्लान किया है कि कि वह टीचर के पास जाएंगे और कहेंगे कि आज के बदले एग्जाम कर ले ले क्योंकि उन्हें पढ़ने के लिए टाइम नहीं मिला। टीचर ने दोस्त से पूछा क्यों क्यों नहीं तुम पढ़ पाए।

चारों ने मिलकर एक कहानी बनाए और शिक्षक से कहा कि हम लोग कल कहीं बाहर गए थे और रास्ते में कार के टायर पंचर होने के कारण हमें घर आने में लेट हो गई थी और फिर उसी कारण से हम पढ़ाई नहीं कर पाए थे। टीचर ने कहा कि ठीक है चलो तुम लोग कल आकर एग्जाम दे देना फिर और चारों दोस्त जाकर घर में पढ़ाई की और एग्जाम देने स्कूल आ गए।

उसके बाद शिक्षक ने उन चारों दोस्तों को अलग-अलग बैठाया और उन चारों दोस्तों के प्रश्न पत्र में सिर्फ दो ही प्रश्न पूछे गए थे।पहला तुम्हारा नाम क्या है और दूसरा तुम्हारी गाड़ी के कौन से टायर पंचर हुई थी।

उन चारों दोस्तों को यह बात तो पता नहीं थी कि शिक्षक को किस टायर के बारे में बतानी है उन्होंने अलग-अलग जवाब दिया। और इससे उनकी छोरी पकड़ में आ गई और फिर उन चारों दोस्तों को उसी कक्षा में फेल कर दिया गया था।

सीख

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें अपने शिक्षक या अपने माता-पिता से कभी भी किसी प्रकार का झूठ नहीं बोलना चाहिए। जो भी बोलना बहुत ज्यादा हानिकारक होता है और हम सभी बच्चों को इनसे दूर रहना चाहिए। 

4. दो मछुआरा दोस्त: Short Animal Stories in Hindi

Short Stories of Hindi with Moral For Kids

एक नदी किनारे दो मछुआरा दोस्त अपना कांटा लेकर मछली पकड़ने की  इरादे से गए हुए थे। दोनों नदी के किनारे पहुंचकर अपना-अपना कांटा लगाया और मछली पकड़ने लगे। भूत और इंतजार करने के बाद किसी के भी कांटा में किसी भी प्रकार की कोई  मछली है फंसी थी।

काफी देर में जाने के बाद अपना दोस्त के कांटा में एक बड़ी मछली फस गई थी। पहलाद उसने उस मछली को कांटा से निकालकर अपने पास डिब्बे रख लिया था। उन्हें और भी कई प्रकार प्रकार की मछलियां कांटा में आते गई और वह अपने डिब्बे में डाल दिया गया।

काफी देर हो जाने के बाद उस पहेली मित्र के कांटा में भी एक मछली फस गई थी। तो तुम्हें दोस्त ने उस मछली को कांटा से निकालकर फिर से नदी में फेंक दिया था। वह देखकर वह मित्र मुस्कुराया और फिर दोनों मछली मारने लगे।

फिर दूसरा दोस्त के कांटा में मछलियां आई फिर उन्हें उसी प्रकार से मछली निकालकर नदी में ही फेंक दिया। इसे प्रक्रिया को उन्होंने जब तीन चार बार किया तो उससे पहला दोस्त ने पूछा कि तुम इन मछलियों को कांटा से निकालकर फिर नदी में क्यों फेंक दे रहे हो।

तो उसमें दूसरा दोस्त ने कहा कि मेरे पास इतनी बड़ी बर्तन नहीं है कि मैं इतनी बड़ी मछली को बना सकूं। यह सुनकर पहला दोस्त ने कहा कि तुम्हारे पास बड़ी बर्तन नहीं है तो क्या हुआ। तुम इन मछलियों को काट काट कर भी तो बना सकते हो। यह सुनकर उन्होंने बड़ी मछली को भी रहने लगा और घर लेके चला गया।

सीख

इस कहानी में हमें यह सीख मिलती है कि हमें मिलने वाले छोटे-छोटे अवसरों को भी नहीं खोना चाहिए बड़े अफसरों को पाने के लिए। क्योंकि छोटे-छोटे अवसर और छोटे-छोटे सफलता मिल कर हमें बड़ी सफलता तक पहुंचाने का काम करते हैं।

5. सर्कस और शेर: Small Stories with Moral

एक सर्कस में पांच शेर करतब दिखाते थे करतब दिखाने के बाद उन्हें शेरों को बाद में एक पतली रस्सी के सहारे उन्हें बांध दिया करते थे जिन्हें वह शेर तोड़ने की हिम्मत नहीं करते थे। एक दिन की बात है दो दोस्त सर्कस देखने गए थे उन्होंने जब शेर को पतली रस्सी में बनते हुए देखा तो पहला दोस्त तो नहीं पूछा तू जंगल में इतने बड़े-बड़े जो शेर होते हैं वह तो बड़े-बड़े रसिया और बड़े-बड़े जानवरों को तोड़ देते हैं।

लेकिन वह सर्कस का शेर एक छोटी रस्सी को तोड़ नहीं पाते हैं और वह भाग नहीं सकते हैं। उसमें से पहला दोस्त ने कहा चलो हम सर्कस वालों से पूछते हैं कि का क्या राज है। वह दोनों दोस्त सर्कस पूरा होने के बाद सर्कस वालों से मिलने गया और पूछा कि।

आप इन शेरों को इतनी पतली पतली रस्सी में बांध कर रखते हैं क्या यह भागते नहीं हैं। फिर सर्कस वालों ने कहा कि जब हम बच्चे से इन्हें पकड़ कर लाए थे तभी से हम इतनी पतली रस्सी हो वही बांध रहे हैं।

बचपन से इन शेरों को यही लगता है कि वह उन रसिया को नहीं पढ़ पाएंगे और और वह उन  रस्सी को तोड़ने की कोशिश भी नहीं करते हैं। यही कारण है कि शेर इतनी पतली रस्सी में बंधा हुआ है और वह भागने का प्रयास तक भी नहीं करते।

इस कहानी में क्या सीख मिली?

इस कहानी में हमें यह सीख मिली है कि जिसे जिस प्रकार से रखा जाता है वह उसी प्रकार का हो जाता है। इसीलिए हमें अपने औकात से बढ़कर सपना देखने का पूरा हक है और उन्हें पाने का पूरा हक है। यदि हम सोचेंगे कि हम उन्हें नहीं कर सकते हैं तो हम कभी भी नहीं करेंगे। 

6. समुंदर और शंख: Short Stories in Hindi with Moral for Children

100+ Short Stories of Hindi with Moral For Kids

एक बार भी बहुत समुद्र किनारे शंख इकट्ठा करने गए और सोचा कि हम शंख हो हटा कर कर देख कर उसे कुछ पैसे कमा लेंगे। दोनों समुद्र के किनारे संघ को एकत्र करने लगे और उन्हें बेचने के लिए उन्हें अपनी पॉलिथीन में में भरने लगे।

फिर एक दोस्त को एक बहुत बड़ा शंख मिला पहला दोस्त ने बोला कि हम इस बड़े शंख को इकट्ठा करके बहुत ज्यादा पैसों में बेचेंगे। दूसरे दोस्त को एक भी शंख नहीं मिला और वह निराश होकर बहुत ज्यादा ढूंढने की कोशिश करने लगे।

फिर दूसरे दोस्त को भी छोटे-छोटे बहुत सारे शंख मिले हैं और वह दूसरे दोस्त ने उन सभी शंख को फेंक दिया। यह चीज देखकर एक बार पहले दोस्त ने पूछा कि तुम इन छोटे-छोटे शंख को क्यों फेंक रहे हो तो पहले दोस्त ने जवाब दिया मुझे तो बड़ा शंख चाहिए जिससे कि ज्यादा पैसा हो सके।

जब दोनों दोस्त घर जाने लगे तो रास्ते में एक मार्केट लगती है पहले दोस्त के पास एक बहुत बड़ा शंख और बहुत सारे छोटे छोटे शंख थे। पहले दोस्त को बड़े शंख से ₹1000 मिले और छोटी-छोटी शंख से कोई मिलाकर ₹3000 मिले।

फिर दूसरी दोस्त ने बाजार में कुछ भी नहीं बेचा गया क्योंकि उन्होंने बड़े शंख पाने के चक्कर में छोटे-छोटे संघों को फेंक दिया था। अंतिम में उन्हें पहले दोस्त ने बताया है कि तुम्हें जो छोटे-छोटे शंख मिले थे और तूने उसे फेंक दिया था मैंने उसे ही उठाकर उसे 3000 में बेचा है।

उन्होंने अपने पहले दोस्त को बताया है कि छोटे-छोटे शंख को तुम फेंक दिए थे उसकी कीमत बहुत ज्यादा थी और मैंने उसे उठाकर उन बड़े शंख से भी ज्यादा दाम में बेच दिया। वह सब सुनकर दूसरे दोस्त ने काफी ज्यादा सोच फिक्र की और फिर उन्होंने यह सोचा कि आप अपने जीवन में किसी छोटा चीज को छोटा नहीं समझूंगा।

इस कहानी से क्या सीख मिली?

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें अपने जीवन में मिलने वालों छोटे-छोटे परिणामों को भी संभाल कर रखना चाहिए और कभी उसे इग्नोर नहीं करना चाहिए। छोटे-छोटे काबिलियत के दम पर ही हर कोई बड़ा बनता है और हमें किसी भी चीज को छोटा नहीं समझना चाहिए। हालांकि हमें बड़े चीजों को पाने की कोशिश करते रहना चाहिए लेकिन छोटी चीजों को खोना भी नहीं चाहिए।

7. एक अहंकारी मूर्तिकार: Simple Short स्टोरी इन हिंदी

एक पुराने जमाने की बात है एक शहर में एक मूर्तिकार रहता था वह इस तरह की मूर्तियां बनाता था कि देखने वालों को पता नहीं चलता था कि वह मूर्तियां असली है या नकली है। उन्हें अपनी मूर्तियां बनाने की कला पर बहुत ज्यादा घमंड था। क्योंकि उस समय वह बहुत ज्यादा फेमस है और किसी को भी इतनी अच्छी मूर्ति बनाने नहीं आती थी।

एक बार की बात है जब वह बहुत ज्यादा बीमार हो गया था और वह मरने की हालत में था तो उन्होंने सोचा कि नहीं इस बार हम यमदूत को बेवकूफ बनाया जाए। उन्होंने हूबहू अपने ही तरह के बस मूर्तियां बनाई और उन मूर्तियों के बीच में खुद ही खड़ा हो गया।

जब यमदूत उसे लेने आया तो उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि कौन सा आदमी है और कौन सा मूर्ति है। उन्होंने सोचा कि यदि हम किसी मूर्ति को छू लेंगेहमें यमदूत होने पर शर्म आएगी और यदि हम इन मूर्तियों को तोड़ेंगे तो एक कला को नुकसान पहुंचेगा।

उन्होंने एक दिमाग लगाया उन्होंने मूर्ति के सामने गया और एक मूर्ति को देख कर कहा इस मूर्ति को किसने बनाया उन्हें तो कुछ अक्ल भी नहीं है यह मूर्ति में कुछ खराबी लग रही है अगर वह सामने होता तो मैं उसे  कमी को बताता।

यह सुनकर हम कारी मूर्तिकार गुस्से से लाल हो उठे और उन्होंने कहा कि इसमें क्या गलती है मुझे बताइए। तभी यमदूत ने कहा कि तुम यहां बोल कर जल्दी कर गए अब तुम चलो मेरे साथ तुम अब ज्यादा दिन नहीं बच पाओगे। 

इस कहानी से हमें क्या सीख मिली?

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें किसी भी कारण से अपने कला और अपने बुद्धिमान होने पर गुरुर नहीं करना चाहिए। क्योंकि अहंकार हमेशा इंसान को परेशानी और दुख के सिवा कुछ नहीं दिया।

8. हाथी और तोता: Very Short Moral Stories in Hindi

एक तोता पिंजरे में रह रह कर तंग आ गया था उसे बाहर निकालने का बहुत शौक आ गया था  एक दिन की बात है तो था किसी तरह से पहले से बाहर आ गया और जंगल की ओर चल दिया था। जब तोता जंगल पहुंचा था तो उन्हें बहुत सारे पेड़ों पर बहुत सारे फल दिखाई दिए जिन्हें खा खा कर उन्हें खूब आनंद आया और वह खूब सारे फल हो तो तोड़कर खाने लगी थी। 

फिर उसके बाद से वह तोता उसे जंगल में रहने लगी और खुशी-खुशी अपना जीवन व्यतीत करने लगी एक दिन की बात है उन्हें एक पेड़ के नीचे एक हाथी दिखा।तोते को नटखट सोच आया और वह हाथी कोतोते को परेशान करने की सोच हुई उन्होंने सोचा कि चलो आज इस हाथी परेशान करते हैं।

 वह अपने पैरों से तेजी से नीचे आती है और हाथी के सर पर चोट करके फिर पेड़ पर चले जाती है। इससे हाथी का नींद टूट जाता है और वह कहती है कि अरे तोता यह कैसी मजाक है उन्होंने कहा अरे यह सब मजाक तो चलता ही रहता है।

लगातार तोता फिर उसी क्रम में वही चीज़ दोहरा दी और उनके साथ पर आकर सूट करती और फिर पेड़ के ऊपर बैठ जाती हाथी को यह सब देखकर बहुत गुस्सा आ गया था।हाथी को चिड़िया के द्वारा मतलब कि तोते के द्वारा यही क्रम लगातार देखकर उन्हें बहुत गुस्सा आने लगा था।

हाथी ने सोचा कि कुछ ना कुछ करके इन तोता को सबक सिखाना ही पड़ेगा तब उन्हें एक तालाब देखिए हाथी ने उस तालाब के अंदर गया और पूरा शरीर पानी में अंदर डालिए और सिर्फ सर को ऊपर रखा था।

हाथी को पता था कि वह घमंडी तोता उनके सर पर चोट करने जरूर आएगा और ठीक वैसा ही हुआ। जब उस तोता उस हाथी के सर पर वार करने आई तो हाथी पहले से ही अपनी सुर में पानी घुस कर रखा था। जैसे ही हाथी पर तोता बैठे वह अपनी में में सुर से पानी भर करतोते पर वार किया तोता नीचे पानी में क्या पहुंचा और बचाने का गुहार करता रहा।

यह देख कर हाथी को दया आ गई और उन्होंने तोते को बचा लिया और बाहर जमीन पर लाकर रख दिया यह देख कर दो ताकि से क्षमा मांगी और फिर दोनों एक साथ रहने लगी।

इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें किसी को छोटा बड़ा नहीं समझना चाहिए सभी को जीवन जीने का अधिकार है। और हमें किसी को भी परेशान करने से बचना चाहिए ताकि हम कोई भी परेशानी में ना डालें। हमेशा लोगों के प्रति अच्छे स्वभाव रखना चाहिए ताकि वह आपके बुरे वक्त में काम आए।

9. मां की प्यारी सीख: Hindi Story with Moral Motivational

चेतन एक बहुत अच्छा लड़का था वह अपनी मां का बहुत ज्यादा कहना मानता था। और मां भी उन्हें तरह-तरह के पकवान बना कर खिलाती थी। चेतन को मां के प्रति बहुत ज्यादा प्यार था वह कभी भी किसी भी काम को मां से पूछे बिना नहीं करता था।

एक दिन चेतन की मां एक बहुत बढ़िया पकवान बनाकर मार्केट जाने लगी और वह चेतन को कह कर गई कि तुम अपना ग्रह कार्य कर कर इस पकवान को खा सकते हैं। चेतन बहुत खुश हुआ उसने जल्दी से अपना ग्रह कार्य किया। अपनी मां के लौटने से पहले ही पकवान खाने सोचा इसीलिए वह एक टोल पर चढ़ गया फिर उसने चार पर हाथ डालकर बहुत सारे पकवान निकालने की कोशिश की।

पर चार काम छोटा होने के कारण वह अपना हाथ बाहर नहीं निकाल सका उसी समय उसकी मां बाजार से लौट आई।चेतन का हाथ उपचार में फस गया था यह देखकर उसकी मां ने कहा कि चेतन अपने हाथ से ढेर सारे भगवान छोड़कर सिर्फ दो या तीन पकवान पकड़ लो फिर तुम्हारा हाथ निकल जाएगा। 

मां का बात सुनकर जब उन्होंने सिर्फ तीन पकवान को हाथ से पकड़ा तब वह अपना हाथ आसानी से बाहर निकाल पाया। फिर मां तुमसे पूछा तुम मुझसे क्या सबक सिखाएं तो चेतन ने कहा कि मुझे यह सीख मिला है यह किसी भी चीज के लिए लफ्ज़ नहीं करनी चाहिए।

इस कहानी से क्या सीख मिली है?

इस कहानी से या सीख मिली है कि कभी किसी चीज के लालच नहीं करनी चाहिए और हमारे लिए इतना सही होता है हमें उतना ही लेना चाहिए। क्योंकि सभी चीज सभी लोगों के लिए बने होते हैं और उस पर सभी लोगों का हक होता है।

10. शेर और चूहा: Adult Hindi Stories with Moral

एक समय की बात है एक जंगल में एक शेर रहता था और वहां एक चूहा भी रहता था एक दिन जब से सो रहा था तो चूहे को शरारत सूझी। चूहे ने सोचा कि चलो आज इन शेरों को मजा सिखाते हैं। शेर गुस्सा आ गया था उन्होंने जोर से पंजा मारा और चूहे पर छलांग मारा।

चूहे शेर की पकड़ में आ गया था फिर चूहे ने कहा सर जी मुझे छोड़ दीजिए मैं तो एक छोटा सा जानवर हूं और गलती से आपको तंग करने लग गया हूं। मैं कभी कभी ना कभी आपकी जरुर मदद करूंगा और फिर शेर ने उसे छोड़ दिया था।

एक दिन की बात है कुछ शिकारी गांव से जंगल की तरफ आए और जाल बिछाकर शेर को फंसा लिया। जब शिकारी गांव की तरफ गया गाड़ी लाने के लिए तभी वहां मौजूद चूहे और कुछ जानवर ने शेर की आवाज सुनी है। सभी जानवरों ने बोला कि हमारे राजा मुश्किल में हैं हम उन्हें आजाद करते हैं। फिर चूहे में उस पर जाल रस्सी काट दीया।

और फिर शेर को आजाद कर दिया यह देखकर शेर मुस्कुराया और उस शेर ने कहा आप सभी छोटे जानवरों को दिल से धन्यवाद करता हूं। फिर  शेर ने चूहे से कहा अब तुम तो जंगल के राजकुमार हो अब जहां चाहो वहां राज कर सकते हो।

इसमें चूहे ने कहा कि चलो मैं फिर बाद में मिलता हूं तो फिर शेर ने बोला क्यों जा रहे हो आज मुझे तंग नहीं करोगे। यह सुनकर चूहा खुशी से झूम उठा और शेर के साथ मस्ती करने लगा। और फिर शुरू से कभी भी परेशान नहीं करने लगे थे।

इस कहानी में क्या सीख मिलती है?

इस कहानी में हमें यह सीख मिलती है हमें जहां तक हो सके वहां तक सभी की मदद करनी चाहिए। क्योंकि अच्छे कामों का नतीजा एक न एक दिन हमें जरूर मिलता है और हमेंकहीं ना कहीं से जरूर मदद मिलती है। 

11. हाथी की मित्रता: Good Motivations Stories in Hindi

100+ Short Stories of Hindi with Moral For Kids

बहुत समय पहले की बात है एक जंगल में एक हाथी रहता था और वह एक मित्र की तलाश में इधर-उधर घूम रहा था फिर भी उसे कहीं भी अपना मित्र बनाने के लिए जानवर नहीं मिल रहे थे। हाथी सबसे पहले एक बंदर से मिलता है और बंदर से कहता है कि बंदर बंदर तुम मेरा मित्र बन जाओ मैं तुम्हारे साथ अच्छा सलूक करूंगा यह सुनकर बंदर रहता है की हाथी से तुम तो बहुत बड़े हो मेरी और तुम्हारी मित्रता कैसे हो जाती है और तुम तो जंगल में इधर-उधर घूमते रहते हो मैं तो तेरे पास खुद आता रहता हूं।

फिर उसके बाद हाथी एक खरगोश के पास जाती है और कहती है खरगोश तुम मेरा मित्र बन जाओ मैं तुम्हें सच्चा मित्र बनाने के लिए तैयार हूं खरगोश कहती है नहीं नहीं मैं तो बहुत छोटी हूं और मैं तुम्हारा मित्र नहीं बन सकती हूं। यह सुनकर हाथी ने कहीं दूसरी जगह कोशिश करने के लिए चले जाती है फिर वह एक नदी के पास  एक मेंढक के पास आती है।

हाथी मेरा से कहती है कि मेंढक तुम मेरा मित्र बन जाओ मैं तुम्हारे साथ अच्छी मित्रता करना चाहता हूं यह सुनकर मेंढक ने कहा मैं तो बहुत छोटा हूं और मैं तुमसे दोस्ती नहीं कर सकता मतलब के ही लगातार हाथी को कोई भी जानवर अपना दोस्त नहीं बना रहा था और वह मित्र के लिए इधर उधर टहल रहा था।

1 दिन हाथी को जंगल के सभी छोटे जानवर एक जगह से दूसरी जगह एक साथ भागते दिखे उन्हें में लोमड़ी से पूछा की लोमड़ी तुम लोग इतनी जल्दी में क्यों हो और तुम इधर से उधर क्यों भाग रहे हो। इस पर लोमड़ी ने कहा कई मेरे पीछे शेर लगा हुआ है और जंगल के सभी जानवरों को शेर खा जाना चाहता है।

फिर वहां से गुजर रहे एक शेर पर नजर बनाए और हाथी ने देखा कि एक शेर और जानवरों की पीछे बड़ी तेजी से भाग रहे हैं। हाथी ने शेर से कहा कि यह सब क्या चल रहा है तुम एक ही दिन में सभी जानवर को खा जाने जाते हो तभी शेर ने क्या तुम्हें इससे क्या मतलब है तुम अपने काम से काम रखो फिर हाथी ने एक लाख से शेर को मारी और शेर बहुत दूर जा गिरा शेर को समझ में आ गया था कि अब आगे जाना मुश्किल है और वह फिर से भाग गया।

यह सब कुछ देख कर शेर के छोटे-छोटे जानवर ने सब मिलकर कहा कि तुम मेरी दोस्त बनने के लिए लायक हो और तुम्हारी साइज अच्छी है हम सभी लोग तुम्हारा मित्र बनने के लिए तैयार है। यह सुनकर हाथी बहुत खुश हुआ और उन सभी से मित्रता कर लिया और फिर सब साथ में रहने लगी।

इस कहानी में हमें क्या सीख मिलती है?

इस कहानी में हमें यह सीख मिलती है कि चाहे छोटा हो या बड़ा हमें सभी के साथ मित्रता करनी चाहिए और सभी मित्र हमारे काम में आते हैं। मित्र के लिए कभी किसी तरह की सर्च नहीं होनी चाहिए क्योंकि मित्रता तो दिल से होती है।

12. लोमड़ी और कौवा: Moral Stories in Hindi for Children

बहुत पुराने समय की बात है एक कौवा अपने खाने के तलाश में इधर-उधर घूम रहा था लिखना नहीं खाना नहीं मिल रहा था। एक बार अचानक कभी नहीं देखा कि एक प्लेट में कहीं पनीर रखी हुई है और वह कब हुआ इस पनीर को लेने के लिए चला जाता है पनीर को लेकर कौवा फिर आ जाता है और वह खाने लगता है।

नीचे से एक चालाक लोमड़ी गुजर रहे थे उन्होंने यह सब कुछ होते हुए देख रहा था। फिर लोमड़ी ने कभी के नीचे गया और कौवा तुम्हारी तो आवाज बहुत प्यारी है मेरी दोस्त बोल रही थी कि तुम बड़ी प्यारी गा लेते हो यह सुनकर कौवा खुशी से फूली नहीं समाई और वह बोल पड़ी कि हां हां हां मेरी आवाज बहुत अच्छी है।

जैसे कौवा यह बोल रहा था उसके मुंह से पनीर का टुकड़ा नीचे गिर गया और पनीर लोमड़ी उठाकर खाने लगे या देखकर कौवा को बहुत दुख हुआ। और फिर खुदा ने सोचा है कि मैं फिर आगे से ऐसी गलती नहीं करूंगा

इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?

इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है हमें सर हमें अपनी लक्स पर फोकस करना चाहिए किसी की बात सुनकर इधर-उधर नहीं भटकना चाहिए। क्योंकि हमारा लक्ष्य हमको ही पता होता है और लोग इधर-उधर भटकाने की कोशिश करते रहते हैं।

13. शिष्य और गुरु: Motivational Hindi Stories for Kids

100+ Short Stories of Hindi with Moral For Kids

एक दिन की बात है दोनों सिर्फ शिष्य और गुरु कहीं जा रहे थे। रास्ते में जाते जाते काफी शाम हो गया था तो फिर किसी ने कहा कि गुरु जी क्यों ना हम यही जंगल में कहीं आराम कर लेते हैं और सुबह उठते हैं फिर अपना सफर पर निकल जाएंगे। तो इसको गुरूजी ने कहा तुम ठीक कहते हो चलो देख लो कहीं आराम करने की जगह तलाश करो।

शिष्य आराम करने की जगह तलाश रहा था तभी उसे दूर जाकर एक झोपड़ी दिखाई दी झोपड़ी के पास निशाने पर उसमें से एक गरीब मजदूर निकलता है और सोचता है कि आप दोनों कहां जा रहे हैं और यहां किसलिए आए हैं। इसमें गुरु जी कहते हैं कि मैं कहीं जा रहा था और रास्ते में शाम हो गई यही कारण से मुझे आराम करने का जगह ढूंढ रहा हूं।

उतनी ही देर में उस गरीब मजदूर ने कहा कि आप मेरे घर रुक जाइए और यहां आराम कर लीजिए सुबह होते ही आप सफर पर निकल जाइएगा। शिष्य और गुरु दोनों आराम करने लगे तो फिर एक बार गुरु जी ने उस गरीब मजदूर से पूछा है कि तुम इतनी गरीब की हो क्या तुम्हारे पास कुछ नहीं है।

इस पर इस गरीब ने कहा कि मेरे पास बहुत सारी जमीनी है लेकिन वह बंजार है तो गुरु जी कहते हैं कि कुछ तुम्हारा गुजारा कैसे होते हैं। इस पर हो गरीब मजदूर कहता है कि मेरे पास एक गाय है जिससे गुजारा कर लेता हूं।

रात होते ही  शिष्य और गुरु दोनों उठते हैं और उसगरीब मजदूर का गांव चुरा कर ले कर चले जाते हैं। गाय लेकर जाने के बाद  एक दिन उस गुरुजी की  शिष्य ने पूछा जहां पर उसका गाय लेकर क्यों चले आए हैं अभी वह कुछ नहीं कहते हैं और खुशी-खुशी जीने लगते हैं।

कुछ दिन बाद जब वह शिष्य एक बार उसी गांव में जाता है और ठीक वही जगह पर जाकर रुक जाता है। शिष्य उसी जगह पर खड़ा होकर देखता है की यहाँ एक झोपडी थी। लेकिन कही दिख नहीं रही है। फिर वह से एक बड़ा घर बूढ़ा आदमी निकलता है और देखते ही शिष्य को पहचान लेता है। फिर वो आदमी शिष्य से पूछता है आप जब यहाँ ठहरे थे तो रत में ही कहाँ चल गए थे। और उसी दिन से मेरी गे भी गायब हो गयी थी। 

फिर उस पर शिष्य ने पूछा की उसके बाद तुमने क्या किया तब वो आदमी बोलता है मेरे पास से गाय जाने के बाद से मेरे पास खाने के लिए कुछ भी नहीं बचा था फिर मैंने वही बंजर जमीन को काफी मेहनत करने के बाद उसे उपजाऊ बना दिया और फिर आज मैं अपनी गांव का सबसे बड़ा आदमी हूँ। 

इस कहानी से क्या सिख मिलती है ?

इस कहानी से यह सिख मिलती है की हमें हमेशा ज्यादा मेहनत करते रहना चाहिए। किसी चीज पर ज्यादा दिन निर्भर नहीं रहना चाहिए इससे जीवन का चक्र रुक जाना चाहिए। साथ ही अपनी किस्मत पर भरोसा न करके अपनी मेहनत पर भरोसा करना चाहिए। चीज कोई भी हो स्थान कोई भी हो आप अपनी मेहनत के डीएम पर उसे हासिल कर सकते है।

14. भूखे शेर की कहानी: Motivational Hindi Stories

100+ Short Stories of Hindi with Moral For Kids

बहुत पुराने दिनों की बात है एक जंगल में एक शेर रहता था। वह दिन भर शिकार की तलाश में इधर से उधर घूमता रहता था। एक दिन उसे बहुत जोरो की भूख लगी हुई थी। वह शिकार करने की तलाश में इधर-उधर टहल रहा था तभिनसे आगे में एक भेड़िया दिखाई देता है वह भेड़िया को देखता है और उसे अपना शिकार बनाने की कोशिश करता रहता है। लेकिन वह भेड़िया ज्यादा होसियार होने के कारण शेर के पकड़ में नहीं आती है ,

फिर से शेर किसी दूसरी शिकार की तलाश में घूम रहा था। तभी एक चूहा दिखाई देता है वह सोचा की इतनी छोटी सी चूहा में हमारा क्या होगा चलो हम दुरी जगह कुछ और शिकार किया जाये। तभी वह इधर से उधर टहल रहा था तभी फिर उसे एक खरगोश दिखाई देती। शेर फिर सोचता है की खरगोश से मेरा पेट क्या भरेगा फिर शेर उस खरगोश को छोड़ देता है। 

आगे चलकर जब शेर प्रेषणो जाता है तो उसे काफी ज्यादा भूख लग जाता है। फिर उसे लगता है की चलो पिछली जगह जो शिकार मिला था भेड़िया और चूहा या खरगोश को ही अपना शिकार बनाया जाये। लेकिन जब शेर उस जगह पर जाता तो उसे वहाँ कोई शिकार नहीं दीखता है। शेर अपने किये पर पछतावा होता है शेर सोचता है की क्यों न हम उसी समय उसे खा जाते कम से कम मेरा थोड़ा सा भूख तो मिट जाता। 

इस कहानी में हमें क्या सिख मिलती है ?

इस कहानी में हमे ये सिख मिलती है हमे अपने जीवन में थोड़ा ही सही लेकिन सही समय पर मिला कुछ चीजों को नहीं छोड़ना चाहिए। तथा किसी भी काम को छोटा नहीं कहना चाहिए। छोटी छोटी कामों से ही हमे बड़ी काम करने की तजुर्बा आती है। 

15. एक राजा की कहानी: Raja Rani Ki Kahani in Hindi

किसी जमाने में एक राजा रहा करता था राजा ने सोचा कि क्यों ना हम कुछ दिन के लिए  शिकार पर जाएं। जब राजा ने शिकार पर जाने के लिए सोचा तो फिर वह जंगल की ओर बढ़ने लगा जब वह जंगल के करीब पहुंचा। तो वहां एक आदमी मिला उन्होंने राजा से कहा अगर आप उस जंगल में जा रहे हैं तो जंगल के बीच में आपको एक दो फिर का आदमी मिलेगा जिसे मार कर आप उसे उस पर चले जाना।

उस आदमी की बात सुनकर राजा ने जंगल की ओर अपना रास्ता तय करने लगा दो बांधना जंगल पहुंचा तो उसे एक 2 फीट का आदमी दिखा। राजा बहुत महान था वह उससे लड़ाई करने लगा और जीत गया लेकिन जब उसे मारने के बारी आई। तो राजा महान होने के कारण उसे छोड़ दिया। फिर अगली बार जब राजा उधर से आ रहे थे तो फिर वही आदमी मिलता है इस बार वह 4 फीट का हो गया था।

राजा फिर से लड़ाई करता है और फिर वह जीत जाता है इस बार भी अपने महान होने का कर्तव्य निभा कर राजा उसे फिर छोड़ देता है। फिर एक दिन वह आदमी राजा के दरबार में चलाता है अगली बार जब राजा से मिलता है तो वह आदमी  6 फीट का हो जाता है। राजा उसे फुल लड़ाई करता है और फिर उसे छोड़ देता है।

अगली बार जाता है फीट सीट का हो जाता है।राजा इस बार उससे लड़ाई करने में बहुत काफी मशक्कत करने के बाद वह जीत पाता है कि कि वह जैसे ही छोड़ देता वह से होगा तो फिर ज्यादा बड़ा जाता था। यही कारण था कि उससे जीतने में काफी दिक्कत का सामना खड़ा करना पड़ा और फिर जब राजा इस बार जीता तो वह उस आदमी को खत्म कर दिया।

इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?

उसके आने से हमें क्या सीख मिलती है कि हमें किसी भी काम को बार-बार नहीं करना चाहिए उसे एक बार में समाप्त करना चाहिए। साथ ही यदि कोई हमारे ऊपर बार-बार पर चढ़कर वार कर रहा है तो उसे पहली ही बार में खत्म कर देना चाहिए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कोई दुर्घटना साथ ना हो।

16. बाघ और गाय: Short Stories in Hindi with Moral for Kids

Short Stories of Hindi with Moral For Kids

एक बार की बात है एक गांव करने के लिए जंगल गई थी गाय ने जंगल में देखा कि एक बार उसके नजदीक आ रही थी। गाय में जब अपनी तरफ बाल को आते देखा तो वह घबरा गई। और उसे कुछ सूझ बूझ नहीं सुनाई देने लगी थी। फिर अचानक उसे एक तालाब दिखा गाय ने उस तालाब में घुसने का फैसला कर लिया था।

गाय को लगा कि आप बाघ से जान बचाना बहुत मुश्किल हो गया है और अब तो मुझे कीचड़ में जाना पड़ेगा। फिर बना है उस नदी में छलांग लगा दी और फिर वह कीचड़ में घुस गया वह देखकर बाघ भी नदी में घुस गया।

उस नदी में बहुत सारा कीचड़ था और दोनों जैसे ही नदी के इस पार से उस पार जाने के बारे में प्रयास कर रहे थे वैसे ही वह कीचड़ में फंसते जा रहा था। अंत में  गाय और बाघ दोनों कीचड़ में फंस गया था। तेरी मासूमियत से बाघ गाय से कहती हो कि कोई मालिक नहीं है। बोलो हां मेरा तो मालिक है और वह शाम तक मुझे  खोजते खोजते आज आया और मुझे बचा लेगा।

और ऐसा नहीं हुआ सामने उसका मालिक आया और उसे बचाकर लेकर चला गया जबकि वह वैसे ही कीचड़ में फंसा रहा क्योंकि अगर कोई उसे निकालेगा तो लोग उसे ही खा जाएगा। फिर वह आदमी अपनी गाय लेकर अपना घर चला गया और उपाय वैसे ही पड़ेगा 5 दिन तक रहा।

 इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि बेशक हमें किसी के ऊपर आश्रित नहीं रहना चाहिए लेकिन हम अपने घर वालों को अपनी पूरी जिम्मेवारी समझे। क्योंकि जब तक हमारे सर पर हमारे माता पिता का साया है तब तक हमें वह कुछ नहीं होने देगा। जब हम कोई प्रॉब्लम में फंस जाएंगे तो हमारे माता-पिता बाद में हमें बचा ही लेंगे।

17. सर और स्टूडेंट की कहानी: Short Stories in Hindi with Moral

स्कूल में एक गिलास चल रहा था और बाहर बहुत दिनों से बारिश हो रही थी फिर टीचर ने सभी  बच्चा से पूछा किअगर मैं तुम्हें ₹100 देता हूं तो तू उससे क्या करोगे। इसे सभी बच्चों का जवाब अलग-अलग था कुछ बच्चों ने कहा मैं चॉकलेट खरीद लूंगा, कुछ बच्चे ने कहा मैं तो किताबें खरीद लूंगा, कुछ बच्चे ने कहा मैं बाहर जाने के लिए छाता खरीद लूंगा और कुछ बच्चों ने कहा मैं उससे खिलौने खरीद लूंगा।

लेकिन उसमें से एक बच्चा बोला कि मैं ₹100 से एक चश्मा खरीद लूंगा जो मेरी मां के लिए बोला। टीचर ने बड़ी हैरत से देखा और पूछा क्यों तुम चश्मा क्यों खड़े हुए अपनी मां के लिए क्यों तुम्हारा पापा नहीं है।  बच्चे ने कहा  जी हां सर मेरे पापा नहीं है। और बच्चे ने कहा कि मेरी मां मुझे कपड़ा सील कर पढ़ाती है और उसे कपड़ा सिलने में चश्मा न होने के कारण बहुत दिक्कत का सामना करना पड़ता है। यह सुनकर टीचर को बहुत खुशी हुई और उन्होंने ₹200 उस बच्चे को दे दिया। पैसे देते हुए बच्चों से कहा  यह लो तुम चश्मा खरीद लेना और एक से मेरी तरफ से अतिरिक्त रख लो बाद में जब तुम बड़े आदमी हो जाओगे तब उसे वापस कर देना।

करीब 20 साल बाद वही शिक्षक वही स्कूल में पढ़ा रहा था तभी उसके पास एक गाड़ी आ कर रखिए जिला कलेक्टर उस में आए हुए थे।  उस जिला कलेक्टर ने दबे पांव आया और सबसे पहले टीचर का पैर छुआ। शिक्षक से कहासर आपने मुझे बचपन में ₹100 उधार दिया था और आपने कहा था कि जब तुम बड़े आदमी बन जाओगे तो मुझे लाकर दे देना।

उस कलेक्टर ने टीचर से कहा सर मैं आज एक जिला का कलेक्टर और मैं यहां आपके ₹100 लौटाने आया हूं। उम्मीद है आप इसे लेने से मना नहीं करोगे। टीचर खुशी-खुशी उनसे पैसे ले लिए और उन्हें आगे बढ़ने का आशीर्वाद भी दिया।

इस कहानी में हमें क्या सीख मिलती है?

इस कहानी में होगा सीख मिलती है कि हमें अपने टीचर का सम्मान हमेशा करना चाहिए। साथ ही उन्हें अपने घर के बुजुर्गों को भी अच्छी तरह से ध्यान देना चाहिए। हमें यह सोचना चाहिए कि हमारे घर के बड़े बुजुर्गों के क्या चीज की जरूरत है और उन्हें क्यों नहीं ले पा रहे हैं।

18. समझदार भेड़िया: Short Stories in Hindi Class 1

एक बार एक भेड़िया जंगल में कहीं घूमने जा रहा था। तभी उसने रास्ते में एक मरा हुआ हाथी दिखा भेड़िया मरा हुआ हाथी के पास गया और उसकी चमड़ी को अपने नाखून से  नोचने लगा। एक हाथी की चमड़ी बहुत ज्यादा सख्त थी और वह उस भेड़िया से नहीं निकल रही थी। इतने वहां एक बब्बर शेर आ गया इस पर भेड़िया ने कहा महाराज मैं तो आपके लिए इसकी रखवाली कर रहा था।

आप यहां आए और मैं इस हाथी को आपके लिए गिफ्ट के रूप में दे सकूं। परंतु शेर ने कहा मैं किसी का एहसान नहीं रखता और किसी के द्वारा शिकार किया गया जानवर को नहीं खाता। इस हाथी को तुम्हें ही मुबारक तुम ही ऐसे खाओ।

भेड़ियों की मुसीबत यहां भी नहीं था ना उधर से एक दूसरा शेर आ रहा था जब भेड़िया और शेर को देखा तो भेड़िए ने कहा भाई इस हाथी को बब्बर शेर ने मारा है। और बब्बर शेर ने मुझे इसे सुरक्षित रखने के लिए जिम्मेवारी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर कोई शेर इधर आए तो उसे बता देना कि मैंने उसे हमारा है और यह मेरा शिकार है।

इतना बात सुनते ही वहां से वह शेर नौ दो ग्यारह हो गया। लेकिन फिर उसके बाद एक चीता के गुजर वहां से हुई। भेड़िया ने सोचा कि इनके तो नाखून बहुत नुकीले होते हैं कि महामहिम की मदद लेकर इस हाथी की चमड़ी को निकलवा ले।

उस भेड़िए ने चीते से कहा भाइयों इस हाथी को बब्बर शेर ने मारा है और यह उनका शिकार है वह मुझे इन्हें सुरक्षित रखने के लिए दिया है।लेकिन अगर आप बुरा ना माने तो मैं आपके लिए इसे खाने का व्यवस्था कर देता हूं। क्योंकि बब्बर शेर अभी कुछ दूर गए हैं उसे आने में काफी देर हो जाएंगे तुम इसे खा सकते हो।

इतने में वह चीता हाथी के चमड़े पर वार किया और उसका चमड़ा उखाड़ गया यह देखकर लोमड़ी बहुत खुश हुई और उन्होंने जोर से चिल्लाया भागो जीते भैया बब्बर शेर आ गया है इतना सुनकर चीता भी नौ दो ग्यारह हो गया। इस तरह से वह चालाक भेड़िया ने अपने खाने के लिए लंबे दिन के लिए भोजन की व्यवस्था कर लिया था। 

इस कहानी में हमें क्या सीख मिलती है?

इस कहानी में हमें यह सीख मिलती है कि हमें अपनी अकल मंदी से मुश्किल से मुश्किल काम होगी आसान कर सकते हैं। काम चाहे बहुत बड़ा ही क्यों ना हो गया बहुत मुश्किल और मुसीबत हो तो क्यों ना हो हम उसे अपनी बुद्धि से बच सकते हैं। 

19. चूहों की सभा: Short Stories in Hindi Class 2

Short Stories of Hindi with Moral For Kids

एक बहुत बड़े मकान में चूहों का बहुत बड़ा समूह रहता था उस मकान में चूहा हमेशा खेलते खोते रहते थे लेकिन एक दिन उस बड़े से मकान में एक बिल्ली आ गई। बिल्ली को देखते ही सभी चूहों को हालत खराब होने लगी। 

जैसे ही उस बिल्ली नहीं उस घर में बहुत सारे चूहे को देखा हुआ बिल्ली उस घर से कहीं नहीं जाने लगी थी। रोजाना वह तीन चार चूहे को पकड़ कर खा जाती थी और फिर आराम की चैन से सो जाती थी। यह देखकर सभी चूहे को बहुत गुस्सा आया उन्होंने कहा कि हमें बिल्ली को भगाने के लिए कुछ उपाय करना चाहिए।

 इसी कारण से सभी चूहे ने मिलकर एक सभा बुलाई है जिसमें कि वह उन बिल्ली को भगाने के लिए अपनी अपनी बात को रखेंगे। सभा में सभी चूहे आए और अपनी अपनी बातों को रखने लगे। उसमें से एक चूहे ने कहा कि बिल्ली को भगाने का कोई रास्ता तो नहीं है लेकिन एक उपाय है कि बिल्ली के गले में घंटी बांध दिया जाए।

ताकि वह जब भी मेरे तरफ हाय या किसी और की तरफ जाएं तो उन्हें पता चल सके और फिर हम सब अपने अपने बिल में घुस सके। यह सुनकर एक पुराना चूहा मुस्कुराया और कहा कि चलो घंटी पान देते हैं लेकिन बिल्ली के गले में घंटी बांधने का कौन। यह बात सुनकर सभी चूहे अपनी बगले झांकने लगा और किसी में इतनी हिम्मत नहीं थी कि वह बिल्ली के गले में जाकर घंटी बांधे।

इतने में हुआ बिल्ली वहां पर आ गई और सभी लोग अपनी-अपनी बिल में घुस गए। फिर उनकी सभा कभी नहीं हुई और बेशक हमेशा अपनी जान के लिए इधर-उधर छिपा करते थे कुछ तो घर ही बदल लिया था।

इस कहानी में हमें क्या सीख मिलती है?

इस कहानी में हमें यह सीख मिलती है कि किसी भी काम को बोलना बहुत आसान होता है करना बहुत मुश्किल होता है इसीलिए जब हम कहीं बैठे तो किसी के द्वारा सवाल पूछने पर हमेशा सोच समझकर ही सवाल का जवाब देना चाहिए। 

20. राक्षस और बच्चे: Short Stories in Hindi Class 3

एक बार की बात है एक राक्षस एक बगीचा खरीदा और वह अपनी बगीचे में तरह तरह के फल और फूल के पेड़ पौधे लगाए थे। उस बगीचे में वहां के बगल वाले बच्चे आते थे और रोज खेलकूद करते थे। साथ ही बच्चों के यहां आने के कारण वह बगीचा रोज खिल उठता था और वहां तरह तरह के फूल और फल लगते थे।

लेकिन एक दिन राक्षस को गुस्सा आया और उन्होंने अपने बगीचे के चारों तरफ चारदीवारी से बगीचे को पूरा घेर दिया था। वह राक्षस उस बगीचे में रहने लगा था धीरे-धीरे बगीचे में से सारी रौनक खत्म हो गई थी। साथ ही बरसात का मौसम आया चली गई सर्दी आया चली गई बसंत आया चली गई लेकिन फिर भी उस बगीचे में वसंत का कोई भी फूल नहीं खेला।

एक दिन की बात है जब वह राक्षस सो रहा था तो उसे एक कोयल की आवाज आई बगीचे में उसने जब उठा तो देखा कि बहुत सारे बच्चे उनके बगीचे में खेल रहे थे। उस राक्षस ने बच्चे की तरफ दौड़ा सभी बच्चे दीवार से कूदकर बाहर चले गए थे लेकिन एक छोटा सा बच्चा वहीं पर रह गया था जो छोटा होने के कारण भाग नहीं पाया।

देखने में वह राक्षस वहां पर आ गया और उस बच्चे को उठाकर पूछने लगा। राक्षस ने बच्चे से पूछा कि तुम लोग मेरे बगीचे के अंदर कैसे मेरे मना करने के बावजूद। बच्चों ने कहा कि मुझे खेलने के लिए किसी प्रकार की जगह नहीं थी और ज्यादा गर्मी होने के कारण बाहर खेलने में धूप लगती थी।

फिर वह राक्षस को क्या हुआ कि उन्होंने हथोड़ा उठाया और अपने बगीचे के चारदीवारी को तो तोड़कर पूरा साफ कर दिया। फिर जब बच्चे होने के बगीचे में खेलने आने लगे थे तो उनके बगीचे में हरियाली आ गई थी फल फूल पहले के जैसे होने लगे थे।

इस कहानी से क्या सीख मिलती है?

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें किसी भी चीज के लिए ज्यादा परेशान नहीं करना चाहिए बल्कि उन्हें अपनी प्यार से मनाना चाहिए। जिस तरह से वह बच्चा प्यार से उस राक्षस का दिल जीत लिया था। 

21. एक बच्ची और राजा की इमानदारी: Short Stories in Hindi Class 4

एक बार की बात है एक शहर में एक राजा हुआ करता था और उसका राज में खाने पीने का बहुत ही अकाल पड़ गया था। फिर उस राजा ने सोचा कि क्यों ना हम अपने राज्य के सभी लोगों को एक-एक रोटी प्रतिदिन मुफ्त में दिया जाए।

अगले दिन राजा ने पूरे राज्य में यह ऐलान कर दिया था कि राज दरबार में सभी लोगों को प्रतिदिन एक-एक रोटी मुफ्त में दिया जाएगा। यह सुनकर राज्य भर के सभी लोग राजा के दरबार में भीड़ लगाकर लाइन में लग गए और रोटी लेने लगे।

 राजा के थाली में बहुत सारी रोटियां थे जिसमें कुछ रोटियां छोटी-बड़ी थी सभी लोग वह चाहते थे कि उसे बड़ी रोटी मिले। लेकिन एक छोटी बच्ची थी वहां जो बाद में आई और खुशी-खुशी छोटी रोटी लेकर चली गई।

दूसरे दिन भी यही हुआ था वह रोटी के लिए जिद नहीं कि सबसे लास्ट में उन्होंने छोटी रोटी ली और घर चली गई। इसी तरह से सभी लोग रोज रोज आते हैं और रोटी लेकर जाते हैं सब अपनी जीत के लिए झगड़ा करते हैं और बड़ी रोटी लेने के लिए आगे लाइन में लगने की कोशिश करते थे।

लेकिन वह बच्ची कभी भी रोटी के लिए झगड़ा नहीं कि लाइन में नहीं लगी वह सबसे बाद में आती थी और थी लेकर जाते थे। 1 दिन की बात है जब वह रोटी लेकर गई तो रोटी में उसे एक सोने का सिक्का मिला। जिसे उन्होंने सोचा कि यह सिक्का हो सकता है रोटी बनाने वक्त आटे में गिर गया और मेरे पास आ गया मैं इसे राजा के पास पहुंचा देता हूं।

वह लड़की दौड़ी-दौड़ी है राजा के महल में गई और राजा को कहा राजा जी यह सिक्का रोटी से निकला है हो सकता है गलती से आ गया होगा आप इसे रख लीजिए। राजा ने उस लड़की की इमानदारी देखकर उन्हें बहुत खुश हुआ और उसी वक्त उस लड़की को गोद में ले लिया। साथ ही उसके परिवार वालों को या व्याख्या की होगी परिवार वाले महल में आ कर रहे/

उस राजा ने उस ईमानदार बच्ची को अपनी बेटी के रूप में अपना लिया और कुछ दिन बाद राजा अपनी पूरी जमीन जायदाद को उसी के नाम लिख दिया।

इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें किसी भी चीज के लिए लालच नहीं करनी चाहिए। जो हमारे भाग्य में होगा वह हमारे लिए चलकर आयेगा।  हम लोगों को किसी का नुकसान नहीं करना चाहिए।

22. खरगोश और कछुआ: Short Stories in Hindi Class 5

Short Stories of Hindi with Moral For Kids

एक बार की बात है जंगल में सभी जानवरों के बीच दौर का मुकाबला होना था। जिसमें सभी जानवर हिस्सा लिया था और उसमें से एक खरगोश और कछुआ भी था। जब इन दोनों की बारी आई तो उन्होंने कहा कि चलो अब हम लोग दौड़ लगाते हैं।

जिसमें की खरगोश बहुत तेजी से दौड़ने लगा था और कछुआ धीरे-धीरे चल रहा था ऐसे ही करते करते खरगोश बहुत आगे निकल गया था। उन्होंने सोचा कि चलो कछुआ तो धीरे-धीरे आ रहा है मैं थोड़ा आराम कर लेता हूं और सो कर उठ कर दौड़ कर चला जाऊंगा।

फिर खरगोश गहरी नींद में सो गया और और फिर धीरे-धीरे कछुए ने जीत हासिल कर ली। जैसे ही खरगोश की नींद टूटी कछुआ अपने लक्ष्य पर पहुंच चुका था। यह देखकर खरगोश को गुस्सा आया उन्होंने कहा चलो एक बार फिर हम लोग इस मुकाबलों को करते हैं।

इसमें कछुए ने भी हां कर दी और वह दोनों फिर मुकाबला के लिए रेडी हो गए दोनों ने कहा कि आज हम अपने दौर उस शेर की गुफा तक रखेंगे। दोनों ने एक साथ दौड़ लगाई और कुछ ही देर में खरगोश ने शेर की गुफा तक पहुंच कर जीत दर्ज कर ली। इसमें कछुए ने कहा कि चलो इस बार तुम जीत गए एक बार हम जीत गए चलो एक बार और फाइनल करते हैं।

फिर दोनों में रेस हुई इस बार कछुए और खरगोश में यह कहा गया था कि हम पहाड़ी के दूसरी तरफ से आएंगे। दोनों जब रेस के लिए निकले तो बीच में एक नदी आया जिसमें केचुआ आसानी से तैर सकता था और खरगोश नहीं कर सकता था।

फिर तुरंत ही कछुए ने पानी के अंदर चला गया और आधे दूर से फिर खरगोश के पास वापस आ गया। केंचुआ आते ही खरगोश से कहा कि कि चलो हम सब एक साथ पार कर लेते हैं और हम एक साथ जीत जाएंगे। इसमें खरगोश ने कहा मैं तो पानी में नहीं तैर सकती तो फिर मैं नदी कैसे पार कर लूंगा ।इस पर केंचुए ने कहा तुम मेरी पीठ पर बैठ जाओ मैं तुम्हें पार करा दूंगा वह जिससे हम दोनों एक साथ जीत जाएंगे।

इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि चाहे किसी भी कारण हो चाहे मुकाबला कितना भी बड़ा हो हमें अपने दोस्तों के साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए। क्योंकि कुछ मुकाबले दोस्ती के लिए बने होते हैं और वह मुकाबले दोस्ती से बढ़कर नहीं होते हैं। 

23. खरगोश की चालाकी: Short Stories in Hindi Class 6

एक जंगल में सभी छोटे छोटे जानवर मिलकर एक साथ रहते थे और अपना गुजर-बसर करते थे। वह सभी जानवर आपस में मिलजुल कर खेलते थे और बहुत मस्ती के साथ रहते थे इतने में 1 दिन वहां एक से आ पहुंचा।

वह प्रतिदिन एक एक जानवर को खाने लगा और जब मन तब जिसे मन उसे पकड़ कर खा लेता था। इससे सारे जानवर परेशान थे उन्होंने सोचा कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो हम सब एक-एक करके खत्म हो जाएंगे कि ना हम इस शेर को यहां से भगाने का उपाय सोचें।

एक दिन सभी जानवर मिलकर एक सभा बुलाई और वह सभी मिलकर शेर के पास गया उन्होंने शेर से कहा कि तुम हमें रोज रोज बहुत सारे जानवर को खा जाते हो। हम सभी ने फैसला किया है कि हम सभी लोग मिलकर एक एक करके रोज आएंगे और आप उसे खा लेना।

 यह सुनकर शेर बहुत खुश हुआ और उन्होंने सब की बात मान ली फिर एक-एक करके जानवर आने लगे और फिर सभी को शेयर कर करके खा जाया करता था। 1 दिन की बात है जब एक खरगोश की बारी आई तो खरगोश ने जानबूझकर शेर के पास थोड़ी देर होने के बाद पहुंचा।

जब खरगोश शेर के पास पहुंचा तो शेर ने कहा तुम इतनी देर क्या कर रही थी मेरी तो बहुत से जान निकल जा रही है। इतने में खरगोश ने कहा कि मैं जब रास्ते से आ रहा था तो एक शेर ने मेरी पूजा की और मैं रास्ता भटक गई थी। शेर को गुस्सा आया उन्होंने कहा मेरी रहते होगे यहां और कौन सा शेर आने की हिम्मत कर सकता है।

खरगोश ने कहा कि जी हां मैं सही कह रही हूं चलो मैं दिखा देती हूं अगर आपको यकीन नहीं है तो। शेर भी खरगोश के पीछे चलता गया खरगोश एक कुएं के पास गया और कुएं के पानी में शेर को कहा कि आप भी खुद ही देख लीजिए इसके अंदर एक शेर है और यही मुझे रास्ते में पीछा कर रहे थे।

जब उससे ने पानी की तरफ देखा तो कुएं में उसका ही प्रतिबिंब मिला और उन्हें लगा कि सही में एक शेर कुए के अंदर है। यह सब कुछ देख कर शेर गुस्से से आग बबूला होना उन्होंने कुए के अंदर छलांग लगा दी और फिर वही कोई निकालने वाला नहीं मिला। इस तरह से खरगोश ने जंगलों के सभी जानवरों की जान बचाई।

इस कहानी में हमें क्या सीख मिलती है?

इस कहानी में हमें यह सीख मिलती है कि हमें किसी भी काम करने के लिए अपनी सूझबूझ की जरूरत पड़ती है। यह नहीं कि जो जैसा कर रहा है वैसा ही करते रहे हैं। हमें अपने काम को अपने हिसाब से करनी चाहिए और अपना बुद्धि खुद से लगानी चाहिए। 

24. जो हुआ अच्छा हुआ: Short Stories in Hindi Class 7

एक बार की बात है एक महल में एक राजा और एक ही रहता था वजीर का आदत था कि वह हर बात में कहता था कि जो हुआ अच्छा  हुआ। राजा के साथ या उसके खुद के साथ कोई भी घटना होने पर हुआ सिर्फ एक ही बात करता था जो हुआ अच्छे के लिए हुआ।

एक दिन की बात है कि उसके खुद के बेटे की पैर टूट गई और उन्होंने कहा जो हुआ अच्छे के लिए हुआ यह सुनकर राजा ने कहा। यह तुम क्या बातें करते हो तुम्हारे बेटे का पैर टूट गया है और तुम कह रहे हो जो अच्छे के लिए हुआ। इस बार वजीर ने कहा कि जी हां अब मेरा बेटा एक ऐसे ही चलेगा और जिंदगी भर मुझे एक पैर की चप्पल खरीदनी पड़ेगी।

एक दिन जब राजा युद्ध के लिए अभ्यास कर रहा था तो तभी उसकी उंगली कट गई और तभी उस वजीर ने कहा जो हुआ अच्छे के लिए हुआ। इस पर राजा को बहुत ज्यादा गुस्सा आया उन्होंने रुक मोदिया के वजीर को कारागार में बंद कर दिया जाए।

 फिर राजा एक दिन शिकार पर गए हैं शिकार पर जाते ही जंगल में राजा को कुछ डाकू ने घेर लिया और उन्हें अपने साथ डाकुओं के सरदार के पास लेकर गया। डाकुओं के सरदार उस राजा को फांसी चलाने लगा था मतलब की बलि देने लगा था।

जैसे ही बलि देने के लिए तलवार उठाई राजा की उंगली कटी देखें एक आदमी ने कहा कि सरदार यह तो पूर्ण मनुष्य नहीं है तो उंगली कटी हुई है उनकी बलि स्वीकार कैसे होगी। डाकुओं ने राजा को जाने दिया राजा महल पहुंचकर वजीर को रिहा कर दिया और सारी बात बताएं। वजीर जेल से निकलते ही फिर का जो हुआ है अच्छे के लिए हुआ इस पर राजा ने कहा कि इस बार कैसे अच्छा होगा।

उस पर वजीर ने कहा कि अगर आप मुझे कारागार में बंद नहीं करते तो मैं भी आपके साथ शिकार पर जाता। आपको तो हाथ कटा हुआ देखकर बली नहीं दिया जाता लेकिन मैं नहीं बच पाता इसलिए अगर मैं कारागार में नहीं होता तो मैं आपके साथ मारा जाता।

इस कहानी में हमें क्या सीख मिलती है?

इस कहानी में हमें यह सीख मिलती है कि जो हुआ अच्छे के लिए हुआ और जो होता है अच्छे के लिए होता है इस पर ज्यादा बहस नहीं करना चाहिए। क्योंकि भविष्य में कोई भी घटना के बारे में आप याद कर दुख ना हो और यह समझे कि जो हुआ अच्छे के लिए हुआ। 

25. समझदार कौवा: Short Stories in Hindi Class 8

Short Stories of Hindi with Moral For Kids

एक बार की बात है एक कौवा पानी पिने के लिए इधर से उधर भटक रहा था। इतने में उसे एक पानी से भरा हुआ हांड़ी दिखी। जब धीरे-धीरे जब कौवा उड़ घड़ा तक पंहुचा। कौवा ने देखा है की उस घड़े में थोड़ा सा ही पानी है। 

जब कौवा उस घड़ा में पानी इन की सोची तो उसके चोंच वहाँ तक नहीं पंहुचा। तभी कौवा उदास हो गया और फिर वह पानी पिने के लिए दिमाग लगाने लगा। आपको बता दे की कौवा की प्यास से जान जा रही थी। फिर भी कौवा को कोई रास्ता नहीं दिख रही थी। 

फिर अचानक कौवा के मन में एक ख्याल आया की क्यों न हम कंकर का छोटा टुकड़ा उठाकर पानी में दाल कर पानी पिने की कोशिश किया जाये। फिर कौवा ने कंकर लेकर हांड़ी में डालकरपानी को देखने लगा। फिर उसने देखा की पानी धीरे-धीरे ऊपर आने लगा फ़ी उस कौवे ने उस पानी को पीकर अपना प्यास बुझा लिया। 

इस कहानी में अपने क्या सीखा ?

इस कहानी हमें ये सबक मिला की किसी भी काम में दिमाग लगाने पर वह काम को करने की तरीका जरूर निकल जाता है। क्योंकि हर मुसीबत का हल एक न एक होता है।

26. जादुई चक्की: Short Stories in Hindi Class 9

एक बार की बात है एक गांव में एक परिवार में दो भाई रहते थे। एक बहुत आमिर था एक भाई बहुत गरीब था। एक दिन की बात है गरीब आदमी रोजी की तलाश में इधर उधर घूम रहा था। तभी एक बूढ़ा आदमी दिखा जिसको मदद की जरुरत थी। वह बूढ़ा आदमी जंगल से लकड़ी चुनकर घर ले जाने वाला था। लेकिन ज्यादा बूढ़ा होने के कारण वो उसे नहीं लेकर प् रहा था। 

इतने में गरीब आदमी उस बूढ़े के पास पहुँचा बूढ़ा ने कहाँ है की तुम इतने धुप में कहा जा रहे हो, आज तो दिवाली है तुम उदास लग रहे हो। उस गरीब आदमी ने कहा है कि अगर तुम मेरी इस लकड़ी को मेरे घर पर छोड़ डोज तो मैं तुम्हारी जरूर कुछ मदद करूँगा। 

जब गरीब आदमी ने उस बूढ़े की मदद की तो उस बूढ़े आदमी ने उसे एक पुवा दिया और कहा इसे लेकर तू जंगल चले जाना वह तुम्हे एक जगह तीन अलग-अलग तरह के पेड़ मिलेगा। वहाँ एक चट्टान के अंदर एक गुफा मिलेगा उस गुफा में चले जाना। वहाँ इस पुवा को दे देना फिर उससे एक जादुई चक्की को ले लेना। 

जब वह आदमी उस गुफा में पंहुचा और वो पुवा को दिया तो उन्होंने एक जादुई चक्की दिया। फिर वहाँ रह रहे आदमी ने कहा इसे आम चक्की मत समझना यह एक जादुई चक्की है। इसमें जो तुम मांगोगे वही निकलेगा और जब तुम इसपर लाल कपडा से ढक दोगे तो यह निकलना बंद हो जायेगा। 

फिर वह गरीब आदमी उस जादुई चक्की को लेकर घर आ जाता है। फिर वह रोज अपनी मन पसंद पसंद की अनाज को निकलता था और रोज बाजार जाकर बेच कर आता था। ऐसे करते-करते बहुत बड़ा आदमी बन गया यह देखकर उसके भाई जो बहुत आमिर था वो काफी जलने लगा था। 

एक दिन आमिर भाई ने सोचा की गरीब जो इतना आमिर बनता जा रह था उसकी राज क्या है एक दिन उसने उस चसककी के बारे में जान लिया। फिर उसने सोचा की क्यों ने हम उस चक्की को चुराकर ले जाये और फिर अपने तरीके से उसे इस्तेमाल करेंगे। 

एक दिन की बात है जब छोटा भाई सो रहा था तो वह चुपके से गया और उसी चक्की को चुरा कर समुन्द्र के रास्ते दूसरे देश को जाने लगा। फिर एक नव पर बैठकर जाने लगया। उसने सोचा की क्यों न हम इस चक्की को एक बार इस्तेमाल करके देख लिया जाये। फिर उसने चक्की को कहा की चक्की-चक्की नमक निकल फिर चक्की से नमक निकलने लगा। 

बड़े भाई को तो चक्की को बंद करने का तरीका तो नहीं पता था। फिर उसके नव में नमक का ढेर भरता गया और नव के साथ वह भी दुब गया। क्योंकि उसे नहीं पता की चक्की को बंद करने की तरीके के बारे में। 

इस कहानी में आपको क्या सिख मिली ?

इस कहानी से यह सिख मिलती है की कभी भी किसी की तरक्की से नहीं जलना चाहिए और यदि कोई काम हमें  नहीं पता है तो उस काम करने ही नहीं चाहिए जब तक की पूरी जानकारी न हो। 

27. धोबी और गधा की कहानी: Short Stories in Hindi Class 10

एक बार की बात है एक धोबी के पास एक गधा रहता था उसका गधा बहुत ज्यादा मरियल सा हो गया था क्योंकि उसे खाने पीने के लिए कुछ नहीं किया करता था। खाना की कुछ तो भी के पास कोई साधन नहीं था खाना-पीना लाने का और गधा को खिलाने का यही कारण से वह उस करे पर ज्यादा ध्यान नहीं रहता था।

लेकिन उस धोबी ने एक दिन एक दिमाग लगाया और सोचा कि क्यों ना हम अपनी गधा हो शेर का खाल उड़ा कर उसी खेत में चलने के लिए भेज दें। ताकि कोई भी उसे शेर समझ कर अपने खेत से भगाने की कोशिश ना करें और मेरा गधा की सेहत अच्छा हो जाए।

जैसा उसने सोचा था उसने ठीक वैसा ही किया उसने एक मरा हुआ शेर का चमड़ा लाया और अपनी गधा के ऊपर चमड़ा रखकर सही से बांध दिया और रात में खेत में खाना के लिए छोड़ दिया। उसने देखा कि शेर को समझकर कोई उसे नहीं घर आता था।

1 दिन किसी कारण से गधा ने अपनी आवाज में कस कस के चिल्लाने लगा और आवाज लगाने लगा तभी लोगों ने गधा की हकीकत जान ली और उन्होंने गधा की खूब पिटाई की।

इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें किसी भी चीज को ज्यादा दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। और अपने फायदा के लिए किसी का नुकसान नहीं करना चाहिए क्योंकि पता चलने के बाद ज्यादा नुकसान हो जाता है।

28. एक शेर और तीन बैल की कहानी: Short Stories in Hindi for 5 Year Child

एक बार की बात है एक घर में तीन बैल रहते थे तीनों मेल हमेशा एक साथ रहा करते थे। और जहां जाते थे तीनों को एक साथ रहते थे और सभी तीनों लोग एक दूसरे की मदद भी करते थे। यह देखकर एक शेर को काफी जलन आया उसने सोचा कि इन तीनों बैलों को अलग-अलग करके मार के खा सकते हैं।

शेर ने जैसा सोचा वैसा ही किया उसने बैलों को आपस में भड़काना शुरू किया। कभी किसी को कभी किसी को एक दूसरे के बारे में बुराई बात बताना शुरू कर दिया। यह देख कर शेर बहुत खुशी-खुशी झूम रहा था क्योंकि उन्हें एक साथ कुछ दिनों के लिए खाना मिल जाएगा क्योंकि 3 दिन को हुआ काफी दिनों तक खा सकता है।

1 दिन की बात है तीनो बैल आपस में लड़ाई झगड़ा करके एक दूसरे से अलग हो गया था और अलग-अलग जंगल में खाने की तलाश में खेत में घूम रहे थे। तभी शेर ने तीनों पर अलग-अलग हमला किया और तीनों को अपना भोजन के रूप में बना लिया।

इस कहानी में हमें क्या सीख मिलती है?

इस कहानी में हमें यह सीख मिलती है कि एकता में ही बल है और हम एक साथ रहकर ही बहुत सारे लोगों से जीत सकते हैं और हमें अपने दोस्तों से कभी अलग नहीं होनी चाहिए। मैंने इस पोस्ट में Short Stories in Hindi की जानकारी दी है। 

29. शेर से परिचय की कहानी: Short Stories in Hindi Class 1

एक समय की बात है एक जंगल में एक शेर टहल रहा था तभी अचानक उसके सामने एक लोमड़ी आ गई शेर की नजर उस लोमड़ी पर नहीं गई। लेकिन लोमड़ी तो बड़ी चालाक रहती है उसने शेर को तुरंत देखा और वहां से भाग गया।

दूसरे दिन जब लोमड़ी टहल रहा था तभी फिर आ जाना एक शेर उसके सामने आ गया उसने इस बार ज्यादा नहीं रहा और फिर वहां से चल गया। लगातार इसी तरह से वह तीन-चार दिन तक शेर से मिलता गया और भागता आ गया।

एक दिन सुबह सुबह जब लोमड़ी टहल रही थी तो फिर शेर उसके सामने आ गया, तभी लोमड़ी ने कहा शेर महाराज आप कहां जा रहे हैं। शेर ने जवाब दिया कि मैं ऐसे ही इधर उधर टहल रहा हूं अब से लोमड़ी को शेर से जरा भी डर नहीं लग रहा था वह परिचित हो चुकी थी।

इस कहानी में हमें क्या सीख मिलती है?

इस कहानी में हमें यह सीख मिलती है कि किसी भी जगह से या किसी भी लोग से हमें डरना नहीं चाहिए धीरे-धीरे हमें उनकी आदत हो जाती है।

30. सात पूंछ का चूहा: Short Stories in Hindi Class 6

एक चूहा का सात पूंछ था वह अपनी पूंछ के लिए परेशान होता था। क्योंकि लोगों ने सात पूंछ का चूहा का कर बुलाया करते थे। यही कारण है कि वह चूहा अपनी इतनी सारी पूंछ होने के कारण बहुत ज्यादा परेशान रहा करता था।

एक दिन उसने गुस्से से माई के पास गया और बोला की वह नाई मेरी एक पूंछ को काट दो। नाई ने उनकी एक पूछ काट दे।

अब फिर जाऊंगा घर आई तो फिर चूहा उसे चिढ़ाने लगा। फिर से वह चूहा गुस्से में आ गया और फिर नाई के पास चला गया। उसने फिर नाही से कहा कि मेरा एक पूंछ और काट दो।

आपको बता दिया कि जब बार-बार वाह पूछ कर आ कर। घर जाया करती थी तुम लोग उसे चिढ़ाने लगते थे यह सुनकर चूहा बार-बार नाई के पास जाया करते थे और अपना पूंछ कटवा दिया करते थे।

जब उनके पास एक पूछ बचा तू भी लोग उन्हें चूहा रहे थे मतलब कि उनके साथी चूहे लोग उसे चिड़ा रहे थे फिर उसने वह एक पूंछ थी उसे भी कटवा लिया। लेकिन अब जब फिर से घर आई तो बाकी चूहे उसे एक पूछ का चूहा कहने लगा और फिर चिढ़ाने लगा।

इस कहानी में हमें क्या सीख मिलती है?

इस कहानी में हमें यह सीख मिलती है कि जो हमारे पास है हमें उसी से खुश रहना चाहिए हमें दूसरों के चक्कर में आकर अपना समय बर्बाद नहीं करना चाहिए।

31. बुद्धिमान बीरबल की कहानी: Akbar Birbal Stories in Hindi

एक बार की बात है राज दरबार में एक आदमी पेश हुआ और उन्होंने अपना दुख सुनाया। वह एक अमीर आदमी था उसने कहां की मेरे घर से एक कीमती सामान चोरी हो गया है और मेरे घर मैं 7 नौकर कर रहते हैं।

उसने बीरबल से आग्रह किया कि वह उसकी कीमती सामान को ढूंढने में उसकी मदद करें। फिर बीरबल ने एक दिन उस अमीर आदमी के घर गया। और सभी नौकरों को इकट्ठा करके एक एक छड़ी  दिया।

बीरबल ने कहा कि जो लोग यह जो आदमी इस घर में चोरी की होगी, तो उसकी छड़ी इंच बढ़ जाएगी। उन्होंने मतलब की बिरबल कभी नौकरों से कहा कि जाओ साफ इसे अपने घर में रख दो और फिर कल इसे लेकर आना।

अगले दिन सभी नौकर अपने साथ छड़ी लेकर आने लगे तभी जिस नौकर ने चोरी की थी उसने सोचा कि 1 इंच तो छड़ी कम गई होगी चलो हम इसे 1 इंच काट देते हैं। जब उसने छड़ी जमा की तो बीरबल ने देखा कि एक नौकर के हाथ में छड़ी थोड़ा सा कम है और वह पकड़ा गया।

इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें अपनी गलती को छुपाना नहीं चाहिए। अगर हमसे भूल से गलती हो जाती है तो हमें साफ-साफ बता देनी चाहिए।

32. सूरज और हवा की कहानी: Panchatantra Stories in Hindi

Short Stories of Hindi with Moral For Kids

एक बार की बात है सूरज और हवा में एक बहस छिड़ गई थी। सूरज कह रहा था कि मैं ज्यादा हूं मजबूत हूं और शक्तिशाली हूं और हवा कह रहे थे कि मैं ज्यादा शक्तिशाली हूं। इतने में उन्होंने कहा कि चलो हम दोनों मिलकर या पता लग करें कि हम दोनों में से कौन ज्यादा शक्तिशाली है।

उन दोनों के सामने तुम ही एक आदमी एक चादर ओढ़ कर जा रहा था। तभी सूरज और हवा दोनों ने कहा चलो जो इस आदमी के शरीर से चादर हटवाने का काम पूरा करेगा वही जीतेगा और वही अधिक शक्तिशाली माना जाएगा।

अब पहले हवा की बारी आई उसने बहुत सारी ताकत लगाई और एक साथ काफी ज्यादा हवा चलाकर उस आदमी के शरीर पर वार किया। परंतु उस आदमी ने अपनी शानदार को अपने शरीर से ज्यादा लपेट लिया और फिर हवा कितना भी तेज चली है उसने अपनी चादर को नहीं छोड़ी।

अब बारी सूरज की आई तभी सूरज ने अपनी गर्मी बढ़ाने का काम चालू किया। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती गई उस आदमी ने धीरे-धीरे अपनी चादर को हटाने लगे जिससे यह साबित हो गया कि सूरज ज्यादा शक्तिशाली है और हवा में भी इनकी बात मान लिया।

इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें सभी की ताकत को परखने की जरूरत नहीं करनी चाहिए क्योंकि सभी लोग अपनी अपनी जगह पर अधिक ताकतवर होते हैं।

33. एक अहंकारी पेड़ की कहानी: Panchatantra Stories in Hindi

एक पेड़ था जंगल में और पेड़ के आस पास बहुत सारे घास था। एक दिन पेड़ ने अपने आप में गर्व महसूस किया और घास से कहा। मैं तुम से अधिक शक्तिशाली हूं क्योंकि मैं कितना भी तूफान आ जाए मैं कभी नहीं सकती हूं और तुम जरा सा हवा के झोका से गिर जाती हो।

कभी घास ने कहा कि मैं तो झुक जाती हूं लेकिन टूटती नहीं तुम तो जरा सी झुकते ही पूरी तरह टूट जाती हो और फिर कभी खड़ी नहीं हो पाती हो। घास ने कहा कि मुझे झुकने में कोई दिक्कत नहीं होती है और मैं फिर उसी तरह से अपने पैर पर खड़ा हो जाती हूं लेकिन अगर तुम झुक गई तो तुम फिर कभी जुड़ नहीं पाओगे। इतने में पेड़ की मुंह से कुछ भी नहीं निकली।

इस कहानी में हमें क्या सीख मिलती है?

इस कहानी में हमें यह सीख मिलती है कि हमें अपने दोस्तों और परिवार वालों के सामने कभी भी ना झुकने के बारे में नहीं कहना चाहिए क्योंकि झुकता वही है जिसमें रिश्ते निभाने की ताकत होती है।

34. तोते और सांप की दोस्ती: Top 100 Moral Stories in Hindi

एक बार की बात है एक पेड़ पर दो तोता और एक सांप रहता था। दोनों तोते में अच्छी तरह से दोस्ती थी और दोनों एक दूसरे के साथ मजे में रहते थे। उसी पेड़ पर एक घायल सांप रहता था जिसे चलने में दिक्कत होती थी।

जैसी ही दोनों तो था कुछ खाने के लिए लाया करते थे तो वह सांप को भी खाना दिया करती थी जिसका एहसान सांप कभी नहीं चुका पाते थे। 1 दिन की बात है एक शिकारी दोनों तोते पर अपना तीर चलाने लगा था तभी सामने देखा और उसके पैर में काट लिया।

जिसे शिकारी का निशाना चूक गया और दोनों तोता में से किसी को भी कुछ नहीं हुआ। यह सब कुछ देख कर तोता मन खुश हुआ और फिर तीनों दोस्त बनकर साथ रहने लगे। जब तक कि सांप पूरी तरह से सही नहीं होगा तब तक दोनों तो था उसकी मदद करते थे।

इस कहानी में हमें क्या सीख मिलती है?

इस कहानी में हमें यह सीख मिलती है कि हमें किसी की मुसीबत में हंसना नहीं चाहिए बल्कि हम उसकी मदद करनी चाहिए। उसकी मदद करनी चाहिए क्योंकि कोई कितना भी दुर्बल क्यों ना हो किसी ने किसी वक्त काम आ ही जाता है।

35. बिल्ली और बंदर की कहानी: Short Moral Stories in Hindi

Short Stories of Hindi with Moral For Kids

एक बिल्ली को एक रोटी का टुकड़ा किसी घर से मिल गया था, वह रोटी का टुकड़ा लेकर इधर-उधर भागने लगा फिर उसके आगे पीछे कुछ और बिल्ली भी भागने लगी और अपना हिस्सा खोजने लगी। तभी एक बड़ी बिल्ली ने रोका और कहां कि चलो अब इसे आधा आधा करके बांट लो और लड़ाई को खत्म करो।

बिल्ली ने एक दूसरे पर भरोसा नहीं किया और उन्होंने कहा कि किसी ऐसे जानवर को बुलाओ जो हमारा मदद करें क्योंकि तुम बात करोगे तो ज्यादा अपने हिस्से में कर लोगे। इतने में वहां एक बंदर आ गई दोनों बिल्ली ने बंदर को कहा मेरा हिस्सा आपस में आधा-आधा बांट देने में मेरी मदद करो।

बंदर तो वैसे भी बहुत ज्यादा होशियार जानवर रहता है उसने एक तराजू मंगाया और एक टुकड़े को बड़ा कांटा और दूसरे को छोटा फिर उसने दूसरे से काट के खा लिया और फिर दूसरे से निकाल कर खा गया।

इसी तरह से जिधर ज्यादा हो जाता था बंदर उससे बहुत ज्यादा काट कर खा लेता था फिर दूसरी तरफ ज्यादा हो जाता था इसी तरह करते-करते बंदर ने सारी रोटी खा डाली है। और फिर दोनों बंदर के हाथों में कुछ नहीं बचा बंदर खुशी-खुशी सभी रोटी खा कर चलता बना।

इस कहानी में हमें क्या सीख मिलती है?

इस कहानी में हमें यह सीख मिलती है कि हमें किसी भी चीज के लिए आपस में लड़ाई नहीं करनी चाहिए। तथा अपने बीच की लड़ाई में किसी दूसरे को नहीं लाना चाहिए क्योंकि नुकसान हमेशा अपने लोगों का ही होगा।

नई नई कहानियां सुनने का मजा कैसे लें? 

आइए अब हम जानते हैं कि हम नए-नए शॉर्ट स्टोरीज ऑफ हिंदी को अपने बच्चों को किस प्रकार के सुनाए जिसे सुनने में उसे मजा आए। आप सभी को पता होगा कि वहां पर आप नए-नए कहानियां सुनने का शौक रखते हैं। खासकर के नए-नए मोटिवेशनल कहानियां जो कि बच्चों के जीवन से जुड़े हुए होते हैं उन्हें प्रेरित करते हैं। मिस्टर बच्चों को कहानी सुनाने के लिए कोई नियम होने चाहिए जिस कारण से बच्चों को कहानियां सुनने में ज्यादा मजा आता है। 

नई नई कहानियां सुनाने के लिए नए-नए तरीकों को अपनाना पड़ता है जिस कारण से हमें आपको बच्चों को नए तरीकों से कहानी सुनाना पड़ता है। बच्चों को कहानियां सुनाने के लिए एक प्रकार का क्रिएटिव सोच रखने की जरूरत होता है जिससे कहानियां मजेदार हो जाए।

बच्चों को कहानी सुनाने के लिए नीचे दिए गए कुछ निम्नलिखित तरीकों को बताया गया है जिसे पढ़कर उन तरीकों को अपनाकर आप अपने बच्चों को रोचक कहानियां बड़े ही मजेदार तरीकों से सुना सकते हैं। साथ ही जब किसी बच्चे को किसी कहानी को मजेदार से सुना जाता है तो मजेदार कहानी को वह बार-बार सुनने की जिद करते हैं।

इसी से पता चलता है कि बच्चों को कहानियां समझ में आ रही है और उन्हें जीवन जीने के सिर्फ को सिखा रही है।किसी भी प्रकार की कहानी सुनाने के बाद जैसे कि अगर राजा रानी की कहानी सुना रहे हैं तो कहानी सुनाने के बाद उसे शिक्षा के बारे में जरूर बता देना चाहिए।

बच्चों से यह भी पूछना चाहिए की कहानी सुनने के बाद आपको इस कहानी से क्या शिक्षा प्राप्त हुई है क्या सीख मिली है। ताकि माता-पिता को भी लगे कि हमारे बच्चे कहानियां सुनकर अच्छी-अच्छी बातें सीख रहे हैं।

यदि आप किसी को कहानियां सुना रहे हैं तो आप अच्छी-अच्छी वॉइस निकालकर और अच्छे-अच्छे ताश से आवाजें को परिवर्तित कर कर अपने बच्चों को कहानियां सुनाएं। जैसे कि शेर कैसे बोलता है राजा कैसे बोलता है और राजा के दरबारी का व्यवहार कैसा होता है इससे इस बच्चे को कहानी सुनने में मजा आता है जो कि मजा किसी भी चीज में नहीं है।

बच्चों को कहानियां सुनाने के लिए तरह-तरह के चित्र और फोटो को प्रयोग में लाना चाहिए ताकि कहानियां सुनने वाले बच्चों को ज्यादा समझने में आसानी हो। कहते हैं कि फोटो एक पूरी कहानी को एक ही फोटो में बयान कर देती है यही कारण है कि किसी भी चीज के लिए फोटो का होना बहुत जरूरी माना जाता है।

यह बच्चों को कहानियां सुनाते हैं तो सुनाते वक्त बीच-बीच में अच्छे-अच्छे फोटोस कहानियों से संबंधित जरूर दिखाएं। शेर और चूहे की कहानी या राजा और रानी की कहानी की पोस्टर जो होती है मतलब की फोटोस के द्वारा कहानी दिखाई जाती है वह ज्यादा प्रचलित हो जाती है और लोगों को समझने में आसानी होती है।

Stories Moral For Kids के बारे में

आज की इस देश में हमने नई नई कहानियां बताने के साथ-साथ Short Stories in Hindi with Moral For Kids कि इस लेख में हमने नई-नई प्रचलित और लोकप्रिय कहानियों को शामिल किया है। आपको इस  इस लेख के आलावा कहानियां पढ़ने के लिए किसी और  लेख पर जाने की जरूरत नहीं है।

क्योंकि इस वेबसाइट पर आपको संपूर्ण कहानियां और शॉट्स हिंदी कहानियां उपलब्ध कराई गई है। जो कि पढ़ने में मजा आता है और बेहद मोटिवेशनल कहानियां उपलब्ध है। जब की कहानियों का जिक्र करते हैं बच्चे बेहद खुश हो जाते हैं। और जब अच्छी अच्छी कहानियां नेट पर पढ़ लेते हैं तो बच्चे के माता-पिता खुश हो जाते हैं ताकि नई नई कहानी सुनाने के लिए उन्हें किसी और जगह भटकना नहीं पड़ेगा।

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Short Stories in Hindi हमारे बच्चों के जीवन में क्या प्रभाव डालती है?

जैसा कि आप सभी को पता होगा की कहानियां बहुत सारी सीट और बहुत सारे सवालों के जवाब प्रदान करता है। कहानियां सुनने से बच्चों के जीवन में उन्हें जीवन जीने के लिए प्रेरित करते हैं और साथ घटी हुई घटनाओं को सॉल्व करने के लिए उदाहरण प्रेरित करते हैं।

शॉर्ट हिंदी कहानियां बच्चों को क्यों पसंद आता है?

इंटरनेट व किताबों में उपस्थित छोटी-छोटी हिंदी कहानियां बच्चों को जल्दी नहीं समझ में आती है और तुरंत ही किसी चीज को सीख लेते हैं। क्योंकि छोटे कहानियां को पढ़ने और सुनने में ज्यादा टाइम नहीं लगता है और उन्हें बोर नहीं लगती है।

इंटरनेट पर मोटिवेशनल कहानियां कहां से प्राप्त करें?

इंटरनेट पर मोटिवेशनल कहानियां वेबसाइट के जरिए जैसे कि मेहर टेक हिंदी की वेबसाइट पर जाकर आप मोटिवेशनल कहानियां पढ़ सकते हैं। वहां आपको एक सौ से भी ज्यादा कहानियां मोटिवेशनल उपलब्ध है। 

बच्चों को कहानी कैसी लगती है?

बच्चों को कहानी बेहद ही अच्छा लगता है और वह बार-बार चाहता है कि वह उस कहानी को सुनाएं क्योंकि कहानी सुनने में उसे मजेदार लगता है। साथी नैतिक कहानियां और भूतों वाली कहानियां बच्चों को ज्यादा प्रेरित करती है।

मोरल कहानियां फॉर किड्स कैसे सुने?

Moral Story for Kids इंटरनेट करके आप पढ़ सकते हैं। साथी आपको यह भी बता दें कि इंटरनेट पर मोरल कहानियां बहुत सारी उपलब्ध है जिसमें की Mehar Tech Hindi वेबसाइट पर उपलब्ध है जिसे आप आसानी से पढ़ सकते हैं। 

Hi, मैं Rahul मेहर टेक साइट पर आपका स्वागत करता हूँ। मैं अभी BCA कर रहा हूँ, मुझे Computer, Blogging और Technology में बहुत Interest है। मुझे सीखना और सिखाना बहुत पसंद है।

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